Wednesday, October 29, 2008

सात समुन्दर पार गया... वो मेरा हमराज

"सात समुन्दर पार गया... वो मेरा हमराज,
कैसे भूलू मैं उसको... ले गयी वो दिल के राज;

सावन की पहली 'बदला' मे... भीग रहा है मेरा तन मन,
ऐसे मे तू आ भी जा... डोल रहे दिल के जज्बात;

कबसे बैठा हूँ तन्हा... जागते देखूं एक सपना,
वो आये मेरी हर बातों में... एक बस वो ही है अपना;

बूंदों की टप टप मे आये... धड़कन की आवाज
ऐसे मे तू आ भी जा... डोल रहे दिल के जज्बात॥

सात समुन्दर पार गया... वो मेरा हमराज..
कैसे भूलू मैं उसको... ले गयी वो दिल के राज"
.Cmp by : D.Chandra (Oct,2006)

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