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कबसे तेरे आने का इंतज़ार करता भी हूँ ॥
लोगो से मिलना मस्ती भी करना,
पर तेरे गम मे अक्सर तरपता भी हूँ
है सबसे आगे निकलने की ख्वाहिश,
पर तुमसे बिछडने से डरता भी हूँ
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कबसे तेरे आने का इंतज़ार करता भी हूँ ..
तुम हो ही नही मुझे ये तो पता है,
पर तेरी हर एक अदा को समझता भी हूँ
सीने मे है प्यार इतना के जी ना सकूं,
पर दिल के उजालों मे मरता भी हूँ
कबसे तेरे आने का इंतज़ार करता भी हूँ ॥
है ये कितने जन्मो का लम्बा सफ़र,
पर साँसों का हर गीत सुनता भी हूँ
चुप ही रहना गर मिलकर इश्क हो गया,
पर आँखों ही आँखों मे पढता भी हूँ
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कबसे तेरे आने का इंतज़ार करता भी हूँ..
जिन रातो को समझा है बस कोई रतजगा,
पर मैं जुदाई का हर कत्ल सहता भी हूँ
छुपे आज सारे ये जख्म देख लो,
पर तेरी हर छुअन: से सहरता भी हूँ
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कबसे तेरे आने का इंतज़ार करता भी हूँ ..
Cmp By:D.Chandra(feb16’07)