Friday, July 27, 2007

तुझे खोने का एहसास सताता रहा

"तुझे खोने का एहसास सताता रहा ------
हर तन्हाई में तेरा प्यार याद आता रहा ------


------कभी तो सोचा होगा तुमने
------क्यूँ खुदा मुझे तुमसे मिलाता रहा


न मिलकर भी गर बन गयी दोस्ती अपनी ------
मिलने की लगन मुझे पल पल रुलाता रहा ------


------कैसे हर जज्बात बताऊ तुझको
------मेरी रूह में साया तेरा मुस्कुराता रहा
ये बस दरमियान ही तो है कुछ फासले ------
वरना दिल की धरकन बन तू इतराता रहा ------


------देख लो कहीं जुदाई न बन जाए इम्तिहान अपना
------वक्त का हर सितम कबसे मुझे मिटाता रहा


न जाने क्यों तू मुझे याद आता रहा ------
तुझे खोने का एहसास सताता रहा ------"



composed by: D.C ( 30 nov 2006.. )

3 comments:

  1. words putted together so beautifully...
    truely tells us the deep felt of pain of the person who doesnt wants to b away frm his/her love....
    i pray tht this couple always stay together forever...

    ReplyDelete
  2. its a very nice composition....waise bhi i like ur all d compositions...cz dil ki feelings shabdo me jo bayan hoti hai..

    ReplyDelete